NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kritika Chapter 1 माता का आँचल

Class 10 Hindi Kritika Chapter 1 माता का आँचल

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kritika Chapter 1 माता का आँचल, (हिंदी)परीक्षा में राज्य बोर्ड और सीबीएसई स्कूलों में से कुछ में एनसीईआरटी की किताबों के माध्यम से छात्रों को पढ़ाया जाता है । के रूप में अध्याय एक अंत शामिल है, वहां एक अभ्यास के लिए छात्रों को मूल्यांकन के लिए तैयार सहायता प्रदान की है । छात्रों को उन अभ्यासों को बहुत अच्छी तरह से स्पष्ट करने की जरूरत है क्योंकि बहुत पिछले उन लोगों से पूछा भीतर सवाल । कई बार, छात्रों के अभ्यास के भीतर अटक जाते है और सवालों के सभी स्पष्ट करने में सक्षम नहीं हैं । छात्रों को सभी प्रश्नों को हल करने और अपनी पढ़ाई को संदेह के साथ बनाए रखने में सहायता करने के लिए, हमने सभी कक्षाओं के लिए छात्रों के लिए स्टेप एनसीईआरटी सॉल्यूशंस द्वारा कदम प्रदान किए हैं। इन उत्तरों को इसी तरह छात्रों की सहायता और सवालों का सही जवाब देने के तरीके के रूप में ठीक से सचित्र समाधानों की सहायता से बेहतर अंक स्कोरिंग में छात्रों की मदद मिलेगी ।

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kritika Chapter 1 माता का आँचल

Class 10 Hindi Kritika Chapter 1 माता का आँचल

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

 

प्रश्न 1. प्रस्तुत पाठ के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बच्चे का अपने पिता से अधिक जुड़ाव था , फिर भी विपदा के समय यह पिता के पास न जाकर माँ की शरण लेता है । आपकी समझ से इसकी क्या वजह हो सकती है ?

उत्तर – भोलानाथ का अपने पिता से अधिक जुड़ाव होने पर भी विपदा के समय वह अपनी माँ की शरण में जाता है , पिता की नहीं । मेरे विचार से इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं –

1 . माँ प्यार , ममता और वात्सल्य की खान होती है , इसलिए जब बच्चे को कोई भी परेशानी या कष्ट होता है तो वह माँ के पास जाता है पिता के नहीं ।

2 . बच्चा परेशानी में अपनी माँ के साथ रहकर ही सुरक्षित महसूस करता है । परेशानी में पिता का साथ उसे नहीं सुहाता ।

3 . माता के अंचल में उसे दुःखों का पता नहीं चल पाता और वह आराम में रहता है ।

4 . विपदा के समय बच्चे को माँ के लाड़ और उसकी गोद की ज़रूरत होती है । उसे जितनी कोमलता माँ से मिल सकती है उतनी पिता से नहीं ।

5 . बच्चा अपनी माँ से भावात्मक रूप से अधिक जुड़ाव महसूस करता है क्योंकि माँ बच्चे की भावनाओं को अच्छी तरह समझती है ।

प्रश्न 2. आपके विचार से भोलानाथ अपने साथियों को देखकर सिसकना क्यों भूल जाता है ?

उत्तर– सभी बच्चों में अपनी हम उम्र बच्चों के साथ खेलने की स्वाभाविक आदत है । उन्हें उनके साथ खेलने में बहुत आनंद आता है । बड़ों के साथ खेलने में उन्हें इतना आनंद नहीं आता है । इसके साथ ही बच्चों को अपने साथियों और मित्रों के सामने रोने या सिसकने में शर्मिन्दगी का अनुभव होता है तथा वे हँसी का पात्र भी बन सकते हैं । भोलानाथ भी अपने साथियों के साथ खेलने का मौका नहीं छोड़ना चाहता था इसीलिए वह उन्हें देखकर सिसकना भूल जाता है ।

प्रश्न 3 . आपने देखा होगा कि भोलानाथ और उसके साथी जब – तब खेलते – खाते समय किसी न किसी प्रकार की तुकबंदी करते हैं । आपको यदि अपने खेलों आदि से जुड़ी तुकबंदी याद हो तो लिखिये ।

उत्तर – अक्कड़ – बक्कड़ बम्बे बोल , अस्सी नब्बे पूरे सौ सौ में लगा तागा , चोर निकलकर भागा ।

प्रश्न 4 . भोलानाथ और उसके साथियों के खेल और खेलने की सामग्री आपके खेल और खेलने की सामग्री से किस प्रकार भिन्न है ?

उत्तर- भोलानाथ और उसके साथियों के खेल और खेलने की सामग्री घर व खेलों में बेकार पड़ी चीजें ही होती थीं । उनके खेलों में खाली कनस्तर , चूहेदान , कंकर , फल , घर के छोटे – मोटे सामान आदि खेल सामग्री के रूप में प्रयुक्त होते थे । संक्षेप में उनके खेल बिना किसी खिलौनों के खेले जाते थे लेकिन वर्तमान में बच्चों के खेलने के लिए लूड़ो , शतरंज , कैरम , किचन सेट , क्रिकेट का सामान , वीडियो गेम आदि सामान आवश्यक होते हैं जिन्हें बाज़ार से खरीदना पड़ता है ।

प्रश्न 5 . पाठ में आये ऐसे प्रसंगों का वर्णन कीजिए जो आपके दिल को छू गए हों ?

उत्तर- ( 1 ) माता का बच्चे को प्यार से भोजन कराना – वह बाबूजी से कहने लगती – आप तो चार – चार दाने के कौर बच्चे के मुँह में देते जाते हैं , इससे वह थोड़ा खाने पर भी समझ लेता है कि हम बहुत खा गए ; आप खिलाने का ढंग नहीं जानते – बच्चे को मुँह भर कौर खिलाना चाहिए । जब खाएगा बड़े बड़े कौर , तब पाएगा दुनिया में दौर यह कहकर माँ जब दही भात सानकर और अलग – अलग तोता , मैना , कबूतर , हँस आदि के बनावटी नाम से कौर बनाकर बच्चे को भोजन कराती है । यह प्रसंग दिल छू जाता है और बचपन की याद ताज़ा हो जाती है ।

( 2 ) साँप के डर से गिरता – पड़ता बेतहाशा भागता हुआ भोलनाथ जब माँ के अंचल में छिप जाता है , और पुत्र को डर से काँपते देख माँ रो पड़ती है और सभी कामों को छोड़कर अधीर हो हमारे भय का कारण पूछती है और भोलानाथ के अंगों को अंचल से पोंछकर चूम लेती है , पुत्र के भय से काँपते हुए औंठों को माँ बार – बार निहारकर रो पड़ती है । पाठ में आये ये दोनों प्रसंग दिल को छू जाते हैं ।

प्रश्न 6 . इस उपन्यास अंश में तीस के दशक की ग्राम्य संस्कृति का चित्रण है । आज की ग्रामीण संस्कृति में आपको किस प्रकार के परिवर्तन दिखायी देते हैं ?

उत्तर – इस उपन्यास अंश में तीस के दशक की ग्राम्य संस्कृति का चित्रण बालकों के विभिन्न तरह के खेलों से स्पष्ट हुआ है जिसे – घिरनी का गड़ना , कुंआ , बैल , फसल को पीटकर व पैरों से रौंदकर तैयार करना आदि । लेकिन आधुनिक युग में वैज्ञानिक प्रगति व नई – नई तकनीक का प्रयोग करने के कारण ग्रामीण संस्कृति परिवर्तित हो गयी है । अब खेतों में जुताई , हल और बैलों की जगह ट्रैक्टर से की जाने लगी है । सिंचाई के लिए सरकार द्वारा नहर , तालाबों के अलावा ट्यूबवेल लगाये गये हैं । फसल की उपज को बढ़ाने के लिए विभिन्न नवीनतम रासायनिक खादों का प्रयोग किया जा रहा है । फसल की कटाई के लिए अत्याधुनिक बड़ी – बड़ी मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है ।

प्रश्न 7. पाठ को पढ़ते – पढ़ते आपको भी अपने माता – पिता का लाड़ प्यार याद आ रहा होगा अपनी इन भावनाओं को डायरी में अंकित कीजिये ।

उत्तर – छात्र स्वयं करें ।

प्रश्न 8 . यहाँ माता – पिता का बच्चे के प्रति जो वात्सल्य व्यक्त हुआ है उसे अपने शब्दों में लिखो ।

उत्तर – प्रस्तुत उपन्यास के अंश में माता – पिता का बच्चे के प्रति वात्सल्य अनेक स्थलों पर व्यक्त हुआ है ।

( 1 ) बच्चे के बाल सुलभ क्रीड़ाओं को छिपकर देखना ।

( 2 ) घर से बाहर जाते समय बच्चे को ( भोलानाथ को ) उसके पिता अपने कंधे पर बैठाकर ले जाते ।

( 3 ) पेड़ों को डालों पर बिठाकर भोलानाथ को झूला झूलाना ।

( 4 ) भोलानाथ के बल को बढ़ावा देने के लिए पिता का उसके साथ कुश्ती लड़ना ।

( 5 ) भोलानाथ से खट्टा और मीठा चुम्मा माँगना ।

( 6 ) माँ भोलानाथ को भर पेट भोजन कराने के लिये- तोता , मैना , हँस , मोर आदि के बनावटी नामों से दही – भात के कौर बनाकर खिलातीं ।

( 7 ) भोलानाथ के रोने पर पिता का माता पर बिगड़ना ।

( 8 ) माँ द्वारा भोलानाथ को तेल लगाना , उबटना , काजल की बिन्दी लगाना , चोटी गूंथना , कुर्ता टोपी पहनाकर कन्हैया बनाना ।

( 9 ) पिता का भोलानाथ के खेल में शामिल होना और भोलानाथ का शरमाकर भाग जाना ।

( 10 ) भोलानाथ की भय से रोता देख माँ का रोना और पुत्र के अंगों को अपने अंचल से पोंछकर चूम लेना आदि ।

प्रश्न 9. माता का अंचल शीर्षक की उपयुक्तता बताते हुए कोई अन्य शीर्षक समझाइये ।

उत्तर – प्रस्तुत पाठ में बताया गया है कि भोलानाथ को अपने पिता से अधिक जुड़ाव था फिर भी विपदा के समय वह पिता के पास न जाकर अपनी माता के अंचल को प्रेम और शान्ति के चंदीवे की छाया को नहीं छोड़ता , क्योंकि वह स्वयं को माता के अंचल में सर्वाधिक सुरक्षित महसूस करता है । इसलिये वह शीर्षक उपयुक्त है । इसके अतिरिक्त अन्य शीर्षक में माँ का प्यार भरा अंचल ‘ माँ के अंचल की छाँव ‘ आदि भी हो सकते हैं ।

प्रश्न 10. बच्चे माता – पिता के प्रति अपने प्रेम को कैसे अभिव्यक्त करते हैं ?

उत्तर– बच्चों द्वारा माता – पिता के प्रति अपने प्रेम की अभिव्यक्त करने के कई तरीके हैं ।

( 1 ) माता – पिता की गोद से न उतरना ।

( 2 ) उनके गले से चिपक जाना ।

( 3 ) घर से बाहर जाने पर उनके साथ जाने की जिद्द करना ।

( 4 ) माता – पिता द्वारा किये गये क्रिया – कलापों की नकल करना ।

( 5 ) उनके बताये हुए मार्ग पर चलना ।

( 6 ) माता – पिता के बनावटी रोने पर स्वयं रोने लगना ।

( 7 ) माता की गोद में आने के पश्चात् किसी और की गोद में न जाना ।

प्रश्न 11. इस पाठ में बच्चों की जो दुनिया रची गयी है वह आपके बचपन की दुनिया से किस तरह भिन्न है ?

उत्तर– इस पाठ में बच्चों की जो दुनिया है वो एक निराली दुनिया है । बच्चे निश्चिंत होकर अपने सामाजिक परिवेश में जो घटित हुआ देखते हैं उसे ही वे खेल का प्रकार बना लेते हैं और खेलने लगते हैं , पर आज का बचपन , बचपन नहीं रह गया है । ढ़ाई या तीन वर्ष के बच्चे के कन्धों पर उसके वजन से भी अधिक वजन का बैग लदा होता है और खेल के नाम पर उन्हें बहलाने फुसलाने के लिए कुछ यांत्रिक खिलौने थमा दिये जाते हैं जिन्हें वे अकेले घर में बैठकर खेलते हैं । पाठ में आए बच्चों की दुनिया और आज के बचपन में यह अन्तर है ।

प्रश्न 12. फणीश्वर नाथ रेणु और नागार्जुन की आंचलिक रचनाओं को पढ़िए ।

उत्तर – छात्र स्वयं पढ़े ।

 

एनसीईआरटी सॉल्यूशंस के लाभ

एनसीईआरटी के कक्षा 10 समाधान में अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु हैं, और प्रत्येक अध्याय के लिए, प्रत्येक अवधारणा को सरल बनाया गया है ताकि उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने की संभावनाओं को याद रखना और बढ़ाना आसान हो सके। परीक्षा की तैयारी के संदर्भ यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं कि ये समाधान आपको परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं ।

  1. यह छात्रों को प्रत्येक अध्याय में कई समस्याओं को हल करने में मदद करता है और उन्हें अपनी अवधारणाओं को और अधिक सार्थक बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  2. कक्षा 10 समाधानों के लिए एनसीईआरटी समाधान आपको अपने ज्ञान को अपडेट करने और अपनी अवधारणाओं को परिष्कृत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं ताकि आप परीक्षा में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकें।
  3. ये समाधान सबसे अच्छी परीक्षा सामग्री हैं, जिससे आप अपने सप्ताह और अपनी ताकत के बारे में अधिक जानने की अनुमति देते हैं। परीक्षा में अच्छे परिणाम पाने के लिए जरूरी है कि आप अपनी कमजोरियों को दूर करें।
  4. परीक्षा में ज्यादातर प्रश्न एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के समान तरीके से तैयार किए जाते हैं । इसलिए, छात्रों को विषय को बेहतर ढंग से समझने के लिए प्रत्येक अध्याय में समाधानों की समीक्षा करनी चाहिए।
  5. यह निशुल्क है।

 

कक्षा 10 परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स और रणनीतियां

  1. अपने पाठ्यक्रम और पाठ्यक्रम की योजना बनाएं और संशोधन के लिए समय बनाएं
  2. परीक्षा की तैयारी के लिए हर बार अपनी अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए cbsestudyguru वेबसाइट पर उपलब्ध एनसीईआरटी समाधान का उल्लेख करें ।
  3. परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने के लिए सीखना शुरू करने के लिए cbsestudyguru लर्निंग ऐप का उपयोग करें। हल और अनसुलझे कार्यों सहित पूर्ण शिक्षण सामग्री प्रदान करें।
  4. यह अपने शिक्षकों या एलेक्स (एक अल अध्ययन बॉट) के साथ परीक्षा से पहले अपने सभी संदेहों को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण है ।
  5. जब आप किसी चैप्टर को पढ़ते या पढ़ते हैं तो एल्गोरिदम फॉर्मूले, प्रमेय आदि लिखें और परीक्षा से पहले उनकी जल्दी समीक्षा करें ।
  6. अपनी अवधारणाओं को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।
  7. आराम और उचित भोजन लें।  ज्यादा तनाव न करें।

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