NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 7  छाया मत छूना

Class 10 Hindi Kshitij Chapter 7  छाया मत छूना

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 7  छाया मत छूना, (हिंदी)परीक्षा में राज्य बोर्ड और सीबीएसई स्कूलों में से कुछ में एनसीईआरटी की किताबों के माध्यम से छात्रों को पढ़ाया जाता है । के रूप में अध्याय एक अंत शामिल है, वहां एक अभ्यास के लिए छात्रों को मूल्यांकन के लिए तैयार सहायता प्रदान की है । छात्रों को उन अभ्यासों को बहुत अच्छी तरह से स्पष्ट करने की जरूरत है क्योंकि बहुत पिछले उन लोगों से पूछा भीतर सवाल ।

कई बार, छात्रों के अभ्यास के भीतर अटक जाते है और सवालों के सभी स्पष्ट करने में सक्षम नहीं हैं छात्रों को सभी प्रश्नों को हल करने और अपनी पढ़ाई को संदेह के साथ बनाए रखने में सहायता करने के लिए, हमने सभी कक्षाओं के लिए छात्रों के लिए स्टेप एनसीईआरटी सॉल्यूशंस द्वारा कदम प्रदान किए हैं। इन उत्तरों को इसी तरह छात्रों की सहायता और सवालों का सही जवाब देने के तरीके के रूप में ठीक से सचित्र समाधानों की सहायता से बेहतर अंक स्कोरिंग में छात्रों की मदद मिलेगी

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 7  छाया मत छूना

Class 10 Hindi Kshitij Chapter 7  छाया मत छूना

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

 

प्रश्न 1. कवि ने कठिन यथार्थ के पूजन की बात क्यों कही है ?

उत्तर- कवि ने कठिन यथार्थ के पूजन की बात इसलिए की है क्योंकि बीती हुई सुखद कल्पनाओं से चिपके रहना बेकार है क्योंकि इनसे सिवाय दुःख के कुछ हासिल नहीं होता । अतः वर्तमान में उत्पन्न हुए जीवन के कठोर संघर्षों से पलायन करने की अपेक्षा हमें जीवन के कठिन यथार्थ को पूजना ( स्वीकारना ) चाहिए तथा जीवन की समस्याओं का सामना करना चाहिए ।

प्रश्न 2 . भाव स्पष्ट कीजिए –

प्रभुता का शरण – बिम्ब केवल मृगतृष्णा है

हर चंद्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है ।

उत्तर- कवि का कथन है कि हे मन ! तूने अपने प्रभुत्व को स्थापित करने के लिए तथा अपने बड़प्पन के एहसास में जितने भी कार्य किए वे सब मृगतृष्णा के सदृश्य थे । जिस प्रकार एक प्यासा मृग पानी की तलाश में रेत के ढेर को पानी समझ कर इधर – उधर भ्रमित होकर भागता फिरता है , उसी प्रकार तू भी भ्रमित है । कवि आगे कहता है कि हर चाँदनी रात के पीछे एक काली रात छिपी होती है वैसे ही जीवन में हर सुख के बाद दुःख का आना निश्चित है । ।

प्रश्न 3. ‘ छाया ‘ शब्द यहाँ पर अतीत की स्मृतियों के सन्दर्भ में प्रयुक्त हुआ है । कवि ने अतीत की स्मृतियों को छूने के लिए मना क्यों किया है ?

उत्तर- ‘ छाया ‘ शब्द यहाँ पर अतीत की स्मृतियों के सन्दर्भ में प्रयुक्त हुआ है । कवि ने अतीत की स्मृतियों को छूने के लिए मना इसलिए किया है क्योंकि दु : ख के समय में अतीत की सुखद स्मृतियों को याद करने से मन बहुत दुःखी हो जाता है । अतः उन्हें बार – बार याद करते रहने के बजाय वर्तमान की वास्तविकता को स्वीकार करना चाहिए ।

प्रश्न 4. कविता में विशेषण के प्रयोग से शब्दों के अर्थ में विशेष प्रभाव पड़ता है , जैसे कठिन यथार्थ । कविता में आए ऐसे अन्य उदाहरण छाँटकर लिखिए और यह भी लिखिए कि इससे शब्दों के अर्थ में क्या विशिष्टता पैदा हुई है ?

उत्तर- ( 1 ) कठिन यथार्थ – कठिन विशेषण द्वारा यथार्थ का बहुत कठोर होना ।

( 2 ) दुःख दूना – दूना विशेषण के माध्यम से दुःख की अधिकता बताना ।

( 3 ) सुरंग सुधियाँ सुहावनी – सुरंग , सुहावनी विशेषण द्वारा स्मृतियों को अधिक सुखद दर्शाना ।

( 4 ) रात कृष्णा – कृष्णा विशेषण द्वारा रात को अधिक अंधकारमय बताना ।

प्रश्न 5. ‘ मृगतृष्णा ‘ किसे कहते हैं ? कविता में इसका प्रयोग किस अर्थ में हुआ है ?

उत्तर- झूठे भ्रम को मृगतृष्णा कहते हैं । जिस प्रकार एक हिरन प्यास से व्याकुल होकर रेगिस्तान में इधर – उधर भटकता हुआ दौड़ता है , रेत की एक रेखा उसे पानी के होने का भ्रम दिलाती है तो वह दौड़कर वहाँ जाता है पर उसे पानी नहीं मिलता । तब वह आगे देखता है तो वही भ्रम उसे पुनः दिखलायी देता है । वह अपनी तृष्णा को शांत करने के लिए इधर – उधर भटकता फिरता है । यही मृगतृष्णा है । कविता में मृगतृष्णा का प्रयोग व्यक्ति के बड़प्पन के एहसास के लिए किया गया है अर्थात् व्यक्ति के अन्दर जो प्रभुत्व ( बड़प्पन ) का एहसास है वह मृगतृष्णा के सदृश्य है अर्थात् उसका भ्रम है ।

प्रश्न 6 . बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले ‘ यह भाव कविता की किस पक्ति में झलकता है ?

उत्तर- ‘ जो न मिला भूल उसे कर तू भविष्य वरण’- प्रस्तुत पंक्ति में बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले ‘ का भाव झलकता है ।

प्रश्न 7 . कविता में स्पष्ट दुःख के कारणों को स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर- कविता में स्पष्ट दुःख के कारण निम्नांकित हैं –

( 1 ) बीते हुए सुख के पलों को याद करने से वर्तमान का दुःख और भी अधिक गहरा हो जाता है ।

( 2 ) वर्तमान में उत्पन्न होने वाली समस्याओं से अगर पलायन करते हैं तो और अधिक कष्ट होता है ।

( 3 ) उचित अवसर के निकल जाने पर अगर कोई भी उपलब्धि हमें प्राप्त होती है तो भी हमें बहुत दुःख होता है ।

( 4 ) प्रभुता की चाह भी दुःख का कारण है ।

रचना और अभिव्यक्ति

प्रश्न 8. ‘ जीवन में है सुरंग सुधियाँ सुहावनी ‘ से कवि का अभिप्राय जीवन की मधुर स्मृतियों से है । आपने अपने जीवन में कौन – कौन सी स्मृतियाँ सँजोकर रखी हैं ?

उत्तर- मैंने अपने जीवन की कुछ स्मृतियाँ संजोकर रखी हैं –

( 1 ) बचपन में मैंने जलेबी रेस में भाग लिया । तब मैं दौड़ता तो तेज था , लेकिन खाता बहुत धीरे था उस रेस के मध्य में जलेबी खानी थी और वापस लौटना था । मैं सबसे तेज दौड़कर जलेबी तक पहुँच गया , लेकिन जलेबी धीरे – धीरे खा रहा था तब मम्मी – पापा , बुआ , दादी मुझे जल्दी जल्दी खाने की कह रहे थे , लेकिन मैं खा नहीं पा रहा था । तब एक बच्चा ( शायद उसे जलेबी बहुत पसंद थी ) मेरी जलेबी भी खा गया और तब मैं बहुत खुश हुआ सब लोग हँसने लगे ।

( 2 ) जब मैं कक्षा में प्रथम आया । घर पर सब खुश हुए । मैडम ने भी मुझे शाबासी दी । दादी जी ने मुझे साइकिल दिलाई । वह मैं कभी नहीं भूल सकता ।

प्रश्न 9 . क्या हुआ जो खिला फूल रस – वसंत जाने पर ‘ ? कवि का मानना है समय बीत जाने पर भी उपलब्धि मनुष्य को आनंद देती है क्या आप ऐसा मानते हैं ? तर्कसहित लिखिए ।

उत्तर- कवि का मानना है कि समय बीत जाने पर भी उपलब्धि आनंद देती है , लेकिन कभी – कभी समय बीतने पर उपलब्धि को उपादेयता नहीं रहती क्योंकि कोई भी उपलब्धि अगर समय पर मिलती है तो उसका महत्त्व और भी अधिक बढ़ जाता है । पर कोई उपलब्धि ऐसी होती है कि समय बीत जाने पर भी आनंद देती है । जैसे अपने देश के द्वारा प्रदान किये गये उच्च सम्मान से सम्मानित होना- अगर किसी व्यक्ति को देश की प्रगति और विकास के कार्य में उच्च योगदान के लिए उसे कई वर्षों पश्चात् भारत रत्न पुरस्कार प्रदान किया जाता है तो उसकी यह उपलब्धि उसे आनंद देगी ।

पाठेतर सक्रियता

प्रश्न 10. आप गर्मी की चिलचिलाती धूप में कभी सफर करें तो दूर सड़क पर आपको पानी जैसा दिखाई देगा , पर पास पहुँचने पर वहाँ कुछ नहीं होता । अपने जीवन में भी कभी – कभी हम सोचते कुछ हैं , दिखता कुछ है , लेकिन वास्तविकता कुछ और होती है । आपके जीवन में घटे ऐसे किसी अनुभव को अपने प्रिय मित्र को लिखकर अभिव्यक्त कीजिए ।

उत्तर –

मित्र के लिए पत्र

28. गांधी नगर ,

मुरादाबाद ,

प्रिय राहुल ,

नमस्कार ।

तुम्हारा पत्र दिनांक 5.2.20XX को प्राप्त हुआ , यह जानकर अत्यन्त प्रसन्नता हुई कि तुम्हारी पोस्टिंग नैनीताल के राजकीय महाविद्यालय में कला संकाय के डीन के पद पर हो गयी है । इस शानदार उपलब्धि के लिए मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार करो ।

मित्र तुम तो जानते हो कि हम सोचते कुछ , हैं , दिखता कुछ है , लेकिन वास्तविकता कुछ और होती है । तुमने सोचा था कि तुम डाक्टर बनोगे पर सी . पी . एम . टी . की परीक्षा उत्तीर्ण न कर पाने के कारण तुमने अपना विचार बदल दिया और अब ‘ डीन ‘ के पद पर कार्य कर रहे हो । मैं एक बार फिर तुम्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई देता हूँ ।

सस्नेह ,

आपका मित्र

रमन

प्रश्न 11. कवि गिरिजा कुमार माथुर की ‘ पन्द्रह अगस्त ‘ की कविता खोजकर पढ़िए और उस पर चर्चा कीजिए ।

उत्तर- छात्र स्वयं इस कविता को पुस्तकालय से लेकर पढ़े ।

 

एनसीईआरटी सॉल्यूशंस के लाभ

एनसीईआरटी के कक्षा 10 समाधान में अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु हैं, और प्रत्येक अध्याय के लिए, प्रत्येक अवधारणा को सरल बनाया गया है ताकि उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने की संभावनाओं को याद रखना और बढ़ाना आसान हो सके। परीक्षा की तैयारी के संदर्भ यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं कि ये समाधान आपको परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं ।

  1. यह छात्रों को प्रत्येक अध्याय में कई समस्याओं को हल करने में मदद करता है और उन्हें अपनी अवधारणाओं को और अधिक सार्थक बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  2. कक्षा 10 समाधानों के लिए एनसीईआरटी समाधान आपको अपने ज्ञान को अपडेट करने और अपनी अवधारणाओं को परिष्कृत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं ताकि आप परीक्षा में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकें।
  3. ये समाधान सबसे अच्छी परीक्षा सामग्री हैं, जिससे आप अपने सप्ताह और अपनी ताकत के बारे में अधिक जानने की अनुमति देते हैं। परीक्षा में अच्छे परिणाम पाने के लिए जरूरी है कि आप अपनी कमजोरियों को दूर करें।
  4. परीक्षा में ज्यादातर प्रश्न एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के समान तरीके से तैयार किए जाते हैं । इसलिए, छात्रों को विषय को बेहतर ढंग से समझने के लिए प्रत्येक अध्याय में समाधानों की समीक्षा करनी चाहिए।
  5. यह निशुल्क है।

कक्षा 10 परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स और रणनीतियां

  1. अपने पाठ्यक्रम और पाठ्यक्रम की योजना बनाएं और संशोधन के लिए समय बनाएं
  2. परीक्षा की तैयारी के लिए हर बार अपनी अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए cbsestudyguru वेबसाइट पर उपलब्ध एनसीईआरटी समाधान का उल्लेख करें ।
  3. परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने के लिए सीखना शुरू करने के लिए cbsestudyguru लर्निंग ऐप का उपयोग करें। हल और अनसुलझे कार्यों सहित पूर्ण शिक्षण सामग्री प्रदान करें।
  4. यह अपने शिक्षकों या एलेक्स (एक अल अध्ययन बॉट) के साथ परीक्षा से पहले अपने सभी संदेहों को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण है ।
  5. जब आप किसी चैप्टर को पढ़ते या पढ़ते हैं तो एल्गोरिदम फॉर्मूले, प्रमेय आदि लिखें और परीक्षा से पहले उनकी जल्दी समीक्षा करें ।
  6. अपनी अवधारणाओं को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।
  7. आराम और उचित भोजन लें।  ज्यादा तनाव न करें।

कक्षा 10 के लिए सीबीएसस्टूडुगुरु एनसीईआरटी सॉल्यूशंस का विकल्प क्यों चुनते हैं?

  • cbsestudyguru अपनी उंगलियों पर सभी विषयों के लिए एनसीईआरटी समाधान प्रदान करते हैं ।
  • ये समाधान विषय विशेषज्ञों द्वारा डिजाइन किए गए हैं और एनसीईआरटी की हर पाठ्यपुस्तक प्रश्नों के समाधान प्रदान करते हैं।
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  • हम कक्षा 10 और अन्य सभी कक्षाओं के लिए मुफ्त एनसीईआरटी समाधान प्रदान करते हैं।

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