NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 11 बालगोबिन भगत

Class 10 Hindi Kshitij Chapter 11 बालगोबिन भगत

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 11 बालगोबिन भगत, (हिंदी)परीक्षा में राज्य बोर्ड और सीबीएसई स्कूलों में से कुछ में एनसीईआरटी की किताबों के माध्यम से छात्रों को पढ़ाया जाता है के रूप में अध्याय एक अंत शामिल है, वहां एक अभ्यास के लिए छात्रों को मूल्यांकन के लिए तैयार सहायता प्रदान की है छात्रों को उन अभ्यासों को बहुत अच्छी तरह से स्पष्ट करने की जरूरत है क्योंकि बहुत पिछले उन लोगों से पूछा भीतर सवाल

कई बार, छात्रों के अभ्यास के भीतर अटक जाते है और सवालों के सभी स्पष्ट करने में सक्षम नहीं हैं छात्रों को सभी प्रश्नों को हल करने और अपनी पढ़ाई को संदेह के साथ बनाए रखने में सहायता करने के लिए, हमने सभी कक्षाओं के लिए छात्रों के लिए स्टेप एनसीईआरटी सॉल्यूशंस द्वारा कदम प्रदान किए हैं। इन उत्तरों को इसी तरह छात्रों की सहायता और सवालों का सही जवाब देने के तरीके के रूप में ठीक से सचित्र समाधानों की सहायता से बेहतर अंक स्कोरिंग में छात्रों की मदद मिलेगी

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 11 बालगोबिन भगत

Class 10 Hindi Kshitij Chapter 11 बालगोबिन भगत

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

 

प्रश्न 1. खेती – बाड़ी से जुड़े गृहस्थ बालगोबिन भगत अपनी किन चारित्रिक विशेषताओं के कारण साधु कहलाते थे ?

उत्तर- खेती – बाड़ी से जुड़े गृहस्थ बालगोबिन भगत निम्न चारित्रिक विशेषताओं के आधार पर साधु कहलाते थे

( 1 ) वे कबीर के आदर्शों को अपनाते थे , उन्हीं के गीत गाते ।

( 2 ) बिना पूछे किसी की चीज़ न छूते न व्यवहार में लाते ।

( 3 ) न तो किसी से झूठ बोलते , न ही झगड़ा मोल लेते ।

( 4 ) कबीर के समान कनफटी टोपी पहनते और रामानंदी तिलक लगाते ।

( 5 ) खेत की पूरी पैदावार कबीर पंथी मठ में ले जाते और जो कुछ प्रसाद रूप में मिलता उसी से गृहस्थी चलाते ।

प्रश्न 2. भगत की पुत्र वधु उन्हें अकेले क्यों नहीं छोड़ना चाहती थी ?

उत्तर – भगत की पुत्र वधू उन्हें अकेले इसलिए नहीं छोड़ना चाहती थी क्योंकि बुढ़ापे में भगत का एकमात्र सहारा वही थी और यदि वही चली गई तो उनके लिए भोजन कौन बनाएगा , बीमार पड़ेगे तो उन्हें कौन एक चुल्लू पानी देगा और कौन देखभाल करेगा ।

प्रश्न 3. भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर अपनी भावनाएँ किस तरह व्यक्त की हैं ?

उत्तर– भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर पुराने स्वर तथा पुरानो तल्लीनता से गीत गाकर अपनी भावनाएँ व्यक्त कौं । उनका मत था कि विरहिणी आत्मा परमात्मा के पास चली गई है । यह मिलन का समय है । यह रोने का समय नहीं , उत्सव मनाने का समय है । अत : वह अपनी पुत्रवधू को भी रोने से मना करते हैं ।

प्रश्न 4. भगत के व्यक्तित्व और उनकी वेश – भूषा का अपने शब्दों में चित्र प्रस्तुत कीजिए ।

उत्तर– भगत का समग्र व्यक्तित्व साधु की सब परिभाषाओं पर खरा उतरने वाला था । वे कबीर के दोहों तथा पदों को गाते और उन्हीं के बताये हुए मार्ग पर चलते वे झूठ कभी नहीं बोलते झगड़ा नहीं करते । उनकी सब चीज़ ‘ साहब ‘ की थी । खेत में पैदा होने वाली हर फसल को ‘ साहब ‘ के दरबार में भेंट करते , ‘ प्रसाद ‘ रूप में जो मिलता उसे घर लाते । वे कमर में लँगोटी , सिर पर टोपी , काली कमली ओढ़ना , मस्तक पर चंदन का तिलक तथा गले में तुलसी की माला धारण करते थे ।

प्रश्न 5 . बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगों के अचरज का कारण क्यों थी ?

उत्तर – बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगों के आश्चर्य का कारण इसीलिए थी क्योंकि वे दैनिक जीवन में कुछ ऐसे नियमों का पालन करते थे जिन्हें एक गृहस्थ के रूप में निभाना अत्यंत कठिन था । जैसे सुबह बहुत जल्दी उठकर दो मील दूर नदी पर स्नान करने जाना । दोनों समय ईश्वर के गीत गाना हर वर्ष गंगा स्नान के लिए जाना और संत समागम में भाग लेना ईश्वर की साधना करते हुए भी गृहस्थी के कार्यों से विरत न होना । उन्होंने निर्लोभी होकर सादगी से , सासारिक मोह – माया छोड़कर अपना जीवन जिया , जबकि एक गृहस्थ को घर की चिंताएँ ही विचलित करती रहती है ।

प्रश्न 6 . पाठ के आधार पर भगत के मधुर गायन की विशेषताएँ लिखिए ।

उत्तर – भगत के मधुर गायन की विशेषताएँ थीं कि उनके संगीत का स्वर धीरे – धीरे ऊँचा होने लगता था जो एक निश्चित ताल और गति से आगे बढ़ता जाता था । इस ताल और स्वर के चढ़ने के साथ ही श्रोताओं के मन भी ऊपर उठने लगते । संगीत के उस सरस वातावरण में मन तन पर हावी हो जाता और सबके तन और मन नृत्यशील हो उठते ।

प्रश्न 7 . कुछ मार्मिक प्रसंगों के आधार पर यह दिखाई देता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे । पाठ के आधार पर उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए ।

उत्तर– बालगीबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे । पुत्र की मृत्यु हो जाने पर बेटे के शव के पास बैठकर दुःखी होने के बजाय वे आसन जमाए गौत गाये चले जा रहे थे तथा बेटे का क्रिया – कर्म भी उन्होंने स्वयं न करके पुत्रवधू से कराया । बेटे की मृत्यु के बाद उन्होंने पुत्रवधू को दुबारा विवाह कराने के लिए उसके भाई के साथ भेज दिया । इन प्रसंगों के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि भगत जी प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे ।

प्रश्न 8. धान की रोपाई के समय समूचे माहौल को भगत की स्वर लहरियाँ किस तरह चमत्कृत कर देती हैं ? उस माहौल का शब्द चित्र प्रस्तुत कीजिए ।

उत्तर – धान की रोपाई करते समय भगत जी की अँगलियाँ एक – एक धान के पौधे को खेत में बिठातीं और उनका कंठ एक – एक शब्द को संगीत की सीढ़ियों से ऊपर स्वर्ग की और भेजता और कुछ को पृथ्वी पर खड़े लोगों के कानों की ओर , बच्चे उनकी मधुर स्वर रागिनी को सुनकर झूम उठते , मेंड़ों पर खड़ी औरतों के होठ गुनगुना वठते । रोपनी करने वालों की उँगलियाँ भी संगीत की लय के साथ ताल मिलाकर चल पड़तीं । बालगोबिन भगत के संगीत के जादू में सब डूब जाते हलवाहों के पैर भी संगीत की लय पर नृत्यशील हो उठते ।

रचना और अभिव्यक्ति

प्रश्न 9. पाठ के आधार पर बताएँ कि बालगोबिन भगत की कबीर पर श्रद्धा किन – किन रूपों में प्रकट हुई है ?

उत्तर – बालगोबिन भगत कबीरपंथी थे । वे कबीर को ‘ साहब ‘ मानते थे । वे कबीर द्वारा रचित ( गाये जाने वाले दोहे ) तथा पदों को गाते थे , उन्हीं के आदशों का पालन करते थे । झूठ न बोलना , सभी के साथ उचित व्यवहार करना , लड़ाई – झगड़ा न करना तथा अपना सब कुछ ‘ साहब ‘ को समर्पित कर देना , आदि इन सभी कार्यों के द्वारा यह ज्ञात होता है कि भगत जी की कबीर पर बहुत श्रद्धा थी ।

प्रश्न 10 . आपकी दृष्टि में भगत की कबीर पर अगाध श्रद्धा के क्या कारण रहे होंगे?

उत्तर – कबीर अपने समय के एक महान समाज सुधारक थे । उन्होंने समाज में जन्मी अनेक बुराइयों को दूर करने का प्रयास किया , जाति – पाँति , ऊँच – नीच , बाह्य आडम्बर आदि । कबीर किसी एक जाति , धर्म तथा देश का कल्याण नहीं करना चाहते थे वरन् समूची मानव जाति का कल्याण करना चाहते थे , उनके इन्हीं गुणों के कारण भगत जी को उन पर अगाध श्रद्धा हो गयी थी ।

प्रश्न 11 . गाँव के सामाजिक – सांस्कृतिक परिवेश आषाढ़ चढ़ते ही उल्लास से क्यों भर जाते हैं ?

उत्तर – आषाढ़ मास के चढ़ते ही ग्रामीण सामाजिक सांस्कृतिक परिवेश बारिश की रिम – झिम बूँदों में नहीं उठता है , समूचा गाँव खेतों में उत्तर पढ़ता है । खेतों में हल चलने लगते हैं । धान की रोपनी होने लगती है , धान के पानी भरे खेतों में बच्चे उछल कूद करने लग जाते हैं , औरतें कलेवा लेकर खेतों की मेड़ों पर बैठ जाती हैं । समूचा प्राकृतिक परिवेश स्वच्छ तथा हरा – भरा हो जाता है । चारों तरफ प्रसन्नता और उल्लास छा जाता है ।

प्रश्न 12 . ” ऊपर की तस्वीर से यह नहीं माना जाए कि बालगोबिन भगत साधु थे । ” क्या ” साधु ” की पहचान पहनावे के आधार पर की जानी चाहिए ? आप किन आधारों पर यह सुनिश्चित करेंगे कि अमुक व्यक्ति ‘ साधु ‘ है ?

उत्तर – किसी भी व्यक्ति के पहनावे के आधार पर यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है कि वह ‘ साधु ‘ है । बाह्य अनुष्ठानों या वेश से कोई संन्यासी नहीं होता , संन्यास का आधार है मानव जीवन के मानवोचित गुण , उसके नैतिक मूल्य इन गुणों को अपने जीवन में धारण करके कोई भी व्यक्ति ‘ साधु ‘ हो सकता है ।

प्रश्न 13 . मोह और प्रेम में अंतर होता है- भगत के जीवन की किस घटना के आधार पर इस कथन का सच सिद्ध करेंगे ?

उत्तर– ‘ मोह ‘ में व्यक्ति की अपेक्षाएँ होती हैं तथा प्रेम में व्यक्ति त्याग करता है । बालगोबिन भगत का एक ही पुत्र था जिससे वे बहुत प्रेम करते थे । पुत्र की मृत्यु हो जाने पर वे उसके पास बैठकर गीत गाते हैं और रोती हुई पुत्र वधु से कहते हैं यह रोने का समय नहीं उत्सव मनाने का समय है । विरहिणी आत्मा अपने प्रेमी परमात्मा से जा मिली है । भगत के जीवन की घटना के आधार पर हम कह सकते हैं कि उन्हें पुत्र से ‘ प्रेम ‘ था ‘ मोह ‘ नहीं ।

भाषा अध्ययन

प्रश्न 14. इस पाठ में आए कोई दस क्रिया विशेषण छाँटकर लिखिए और उनके भेद भी बताइए ।

उत्तर –

क्रिया विशेषण

1. थोड़ी ही देर पहले मूसलाधार वर्षा खत्म हुई

2 . खाना घर पर ही लौटकर खाते

3. गाँव के बाहर पोखरे के ऊँचे झीड़े पर

4 . अपने घर के आँगन में आसन जमा बैठते

5 . चार – पाँच दिन आने – जाने में लगते

6. दिन – दिन छीजने लगे

7 . संगीत साधना का चरम उत्कर्ष उस दिन देखा गया

8. वह कुछ सुस्त और बोदा सा था

9. जब वह सामने आता , मैं झुककर उससे राम – राम कालवाचक क्रिया विशेषण किए बिना नहीं रहता

10. ये निगरानी और मुहब्बत के ज्यादा हकदार होते हैं ।

भेद

कालवाचक क्रिया विशेषण

स्थानवाचक क्रिया विशेषण

स्थानवाचक क्रिया विशेषण

स्थानवाचक क्रिया विशेषण

कालवाचक क्रिया विशेषण

रीतिवाचक क्रिया विशेषण

कालवाचक क्रिया विशेषण

परिमाणवाचक क्रिया विशेषण

कालवाचक क्रिया विशेषण

परिमाणवाचक क्रिया विशेषण

पाठेतर सक्रियता

प्रश्न 1. पाठ में ऋतुओं के बहुत सुन्दर शब्द चित्र उकेरे गये हैं । बदलते हुए मौसम को दर्शाते हुए चित्र / फोटो का संग्रह कर एक अलबम तैयार कीजिए ।

उत्तर – छात्र स्वयं करें ।

प्रश्न 2 . पाठ में आषाढ़ , भादों , माघ आदि में विक्रम संवत् कलैंडर के मासों के नाम आये हैं । यह कलैंडर किस माह से आरम्भ होता हैं ? महीनों की सूची तैयार कीजिए ।

उत्तर – यह कलैंडर चैत्र मास से शुरू होता है , इसके महीनों का क्रम इस प्रकार है ( 1 ) चैत्र , ( 2 ) वैशाख , ( 3 ) ज्येष्ठ , ( 4 ) आषाढ़ , ( 5 ) सावन ( श्रावण ) , ( 6 ) भाद्रपद , ( 7 ) आश्विन , ( 8 ) कार्तिक , ( 9 ) मार्गशीर्ष , ( 10 ) पौष , ( 11 ) माघ , ( 12 ) फाल्गुन ।

प्रश्न 3. कार्तिक के आते ही भगत ‘ प्रभाती ‘ गाया करते थे । प्रभाती प्रातःकाल गाए जाने वाले गीतों को कहते हैं । प्रभाती गायन का संकलन कीजिए व संगीतमय प्रस्तुत कीजिए ।

उत्तर – छात्र स्वयं करें ।

प्रश्न 4 . इस पाठ में जो ग्राम्य संस्कृति की झलक मिलती है , वह आपके आस – पास के वातावरण से कैसे भिन्न है ?

उत्तर – छात्र स्वयं करें ।

 

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