NCERT Solutions For Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 पद - Cbsestudyguru

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 पद

Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 पद

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 पद, (हिंदी)परीक्षा में राज्य बोर्ड और सीबीएसई स्कूलों में से कुछ में एनसीईआरटी की किताबों के माध्यम से छात्रों को पढ़ाया जाता है के रूप में अध्याय एक अंत शामिल है, वहां एक अभ्यास के लिए छात्रों को मूल्यांकन के लिए तैयार सहायता प्रदान की है छात्रों को उन अभ्यासों को बहुत अच्छी तरह से स्पष्ट करने की जरूरत है क्योंकि बहुत पिछले उन लोगों से पूछा भीतर सवाल

कई बार, छात्रों के अभ्यास के भीतर अटक जाते है और सवालों के सभी स्पष्ट करने में सक्षम नहीं हैं छात्रों को सभी प्रश्नों को हल करने और अपनी पढ़ाई को संदेह के साथ बनाए रखने में सहायता करने के लिए, हमने सभी कक्षाओं के लिए छात्रों के लिए स्टेप एनसीईआरटी सॉल्यूशंस द्वारा कदम प्रदान किए हैं। इन उत्तरों को इसी तरह छात्रों की सहायता और सवालों का सही जवाब देने के तरीके के रूप में ठीक से सचित्र समाधानों की सहायता से बेहतर अंक स्कोरिंग में छात्रों की मदद मिलेगी

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 पद

Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 पद

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

 

प्रश्न 1. गोपियों द्वारा उद्भव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है ?

उत्तर – गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में यह व्यंग्य है कि वे उद्धव को वास्तव में भाग्यवान न कहकर भाग्यहीन कह रही है । गोपियों कहती है कि उद्धव तुम कृष्ण के परम मित्र होने पर सदैव उनके साथ रहते हो , लेकिन फिर भी कृष्ण के प्रेम से विरक्त हो ।

प्रश्न 2 . उद्भव के व्यवहार की तुलना किस – किस से की गई है ? [ Bord Term 1 , 2016 |

उत्तर – गोपियों ने उद्धव के व्यवहार की तुलना तेल में डूबी मटकी से की है जिस पर पानी की एक बूँद भी नहीं ठहरती । इसके साथ में ही उद्धव की तुलना उस कमल के पत्ते से की है जो पानी में रहकर गीला नहीं होता ।

प्रश्न 3 . गोपियों ने किन – किन उदाहरणों के माध्यम से उद्भव को उलाहने दिए हैं ?

उत्तर– गोपियों ने उद्धव को उलाहने देते हुए कहा है कि तुम तो जल में पड़े हुए कमल के पत्ते के समान हो जो जल में तो रहता है पर एक दाग भी उस पर नहीं लगता तथा जल में पड़ी हुई उस तेल की गगरी के समान हो जो जल में रहकर भी जल की एक बूंद के साथ अपना सम्बन्ध नहीं रखती ।

प्रश्न 4 . उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेश ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया ?

उत्तर – गोपियों का मन और तन श्री कृष्ण के विरह से व्यक्ति था । उन्हें यह आशा थी कि कृष्ण एक निश्चित अवधि के पश्चात् आ जायेंगे पर वे स्वयं तो नहीं आते लेकिन योग का संदेश लेकर उद्धव को गोपियों के पास भेज देते हैं , इसलिए उद्भव द्वारा दिये गये योग संदेशों ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम किया ।

प्रश्न 5 . ‘ मरजादा न लही ‘ के माध्यम से कौन – सी मर्यादा न रहने की बात की जा रही है ?

उत्तर – गोपियाँ कृष्ण से बहुत प्रेम करती थीं और उन्हें भरोसा था कि कृष्ण भी प्रेम की मर्यादा का निर्वाह करें , लेकिन कृष्ण ने उद्भव के द्वारा योग का संदेश भिजवा कर मर्यादा का उल्लंघन किया है । गोपियाँ कृष्ण के इस व्यवहार को अपने प्रेम का अपमान मानती है ।

प्रश्न 6 . कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम को गोपियों ने किस प्रकार अभिव्यक्त किया है ?

उत्तर – गोपियों ने कृष्ण के प्रति प्रेम को निम्न रूप में अभिव्यक्त किया है –

( i ) गोपियाँ कृष्ण के प्रेम में उसी प्रकार अनुरक्त हैं जैसे गुड़ से चोंटी चिपक जाती है ।

( ii ) गोपियाँ हारिल पक्षी की लकड़ी के समान कृष्ण को थामे हुए हैं और उन्हें ही अपने जीवन का आधार मानती हैं ।

( iii ) वे जागते , सोते , सपने में दिन – रात कृष्ण ही रट लगाती रहती हैं ।

( iv ) वे कृष्ण के प्रति मन – कर्म और वचन से समर्पित है ।

( v ) उन्हें कृष्ण के प्रेम के आगे योग का संदेश कड़वी ककड़ी के समान लगता है ।

प्रश्न 7 . गोपियों ने उद्भव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है ?

उत्तर – गोपियों ने उद्धव से योग की शिक्षा ऐसे लोगों को देने की बात कही है जिनका मन चकरी के समान चंचल , अस्थिर हो । योग का संदेश गोपियों के द्वारा स्वीकार करने योग्य नहीं है क्योंकि उनके मन में केवल कृष्ण समाए हुए हैं ।

प्रश्न 8 . प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग – साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट करें ।

उत्तर – प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों ने योग – साधना को कड़वी ककड़ी और एक व्याधि बताया है । उनके अनुसार योग – साधना प्रेम का स्थान नहीं ले सकती । प्रेमीजन योग मार्ग द्वारा नहीं , प्रेमपूर्ण समर्पण के बल पर ही ईश्वर को पा सकते हैं ।

प्रश्न 9. गोपियों के अनुसार राजा का धर्म क्या होना चाहिए ?

उत्तर – गोपियों के अनुसार राजा का धर्म है कि वह अपने राज्य की प्रजा की हर प्रकार से रक्षा करे । उन्हें किसी भी अन्याय से बचाए , राजह धर्म का पालन करे । राजा को कभी अपनी प्रजा को सताना नहीं चाहिए ।

प्रश्न 10. गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन – से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं ?

उत्तर– गोपियाँ उद्धव द्वारा लाये गए योग के संदेश को जानकर समझ जाती हैं कि कृष्ण पहले ही अत्यंत चतुर थे , पर अब तो उन्होंने राजनीति और सीख ली है । जो कृष्ण पहले दूसरों के कल्याण के लिए समर्पित रहते थे , लोगों को अन्याय से बचाते थे वे ही अब अनीति कर रहे हैं । अत : कृष्ण में आए इन बदलावों के कारण वे कृष्ण से अपना मन वापस लेने की बात कहती हैं ।

प्रश्न 11. गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्भव को परास्त कर दिया । उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए ।

उत्तर– गोपियों के वाक्चातुर्य की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं –

( i ) व्यंग्यात्मकता पूर्ण वचन ।

( ii ) स्पष्टता पूर्ण वचन ।

( iii ) तर्क क्षमता से युक्त

( iv ) कटु उक्ति पूर्ण वचन ।

प्रश्न 12. संकलित पदों को ध्यान में रखते हुए सूर के भ्रमरगीत की मुख्य विशेषताएँ बताइए ।

उत्तर– ( i ) गोपियों द्वारा प्रेम की गहराई को अभिव्यक्ति प्रदान करना ।

( ii ) एकनिष्ठ प्रेम में दृढ़ विश्वास ।

( iii ) गोपियों द्वारा उद्धव को उपालम्भ , व्यंग्य तथा उनके उपहास द्वारा राजधर्म ( प्रजा का हित ) याद दिलाना ।

रचना और अभिव्यक्ति

प्रश्न 13 , गोपियों ने उद्धव के सामने तरह – तरह के तर्क दिए हैं । आप अपनी कल्पना से और तर्क दीजिए ।

उत्तर– ( i ) गोपियों ने निर्गुण का उपहास करके भी भक्ति की स्थापना की है ।

( ii ) उद्धव द्वारा बताये गये ब्रह्म निरूपण का कुछ भी आशय गोपियों को समझ में नहीं आया ।

प्रश्न 14. उद्धव ज्ञानी थे , नीति की बातें जानते थे ; गोपियों के पास ऐसी कौन सी शक्ति थी जो कि उनके वाक्चातुर्य में मुखर हो उठी ?

उत्तर– उद्धव ज्ञानी थे नीति की बातें जानते थे ; गोपियों के पास कृष्ण प्रेम की शक्ति थी , कृष्ण की भक्ति थी जो उनके वाक्चातुर्य में मुखर हो उठी ।

प्रश्न 15. गोपियों ने यह क्यों कहा कि हरि अब राजनीति पढ़ आए हैं ? क्या आपको गोपियों के इस कथन का विस्तार समकालीन राजनीति में नजर आता है , स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर– गोपियों ने यह इसलिए कहा कि कृष्ण ने अब कूटनीति सीख ली है । पहले उन्हें हमारी चिन्ता रहती थी , पर अब वे कूटनीतिज्ञ हो गये हैं उन्हें अब गोपियों की कोई चिन्ता नहीं है । गोपियों का यह कथन समकालीन राजनीति में पूरी तरह से नजर आता है क्योंकि जब राजनेताओं को वोट की आवश्यकता पड़ती है तो वे जनता के पास आते हैं और उनके सगे बन जाते हैं और बाद में जब वे जीतकर राजनेता बन जाते हैं तो कृष्ण की भाँति सारी जनता को भूल जाते हैं ।

पाठेतर सक्रियता

प्रश्न 16. प्रस्तुत पदों की सबसे बड़ी विशेषता है गोपियों की ‘ वाग्विदग्धता ‘ । आपने ऐसे और चरित्रों के बारे में पढ़ा या सुना होगा जिन्होंने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई ; जैसे बीरबल , तेनालीराम , गोपाल भाँड , मुल्ला नसीरुद्दीन आदि । अपने किसी मनपसंद चरित्र के कुछ किस्से संकलित कर एक एलबम तैयार करें । –

उत्तर – छात्र स्वयं करें ।

प्रश्न – 17. सूर रचित अपने प्रिय पदों को लय व ताल के साथ गाएँ ।

उत्तर – छात्र स्वयं करें ।

 

 

एनसीईआरटी सॉल्यूशंस के लाभ

एनसीईआरटी के कक्षा 10 समाधान में अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु हैं, और प्रत्येक अध्याय के लिए, प्रत्येक अवधारणा को सरल बनाया गया है ताकि उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने की संभावनाओं को याद रखना और बढ़ाना आसान हो सके। परीक्षा की तैयारी के संदर्भ यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं कि ये समाधान आपको परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं ।

  1. यह छात्रों को प्रत्येक अध्याय में कई समस्याओं को हल करने में मदद करता है और उन्हें अपनी अवधारणाओं को और अधिक सार्थक बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  2. कक्षा 10 समाधानों के लिए एनसीईआरटी समाधान आपको अपने ज्ञान को अपडेट करने और अपनी अवधारणाओं को परिष्कृत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं ताकि आप परीक्षा में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकें।
  3. ये समाधान सबसे अच्छी परीक्षा सामग्री हैं, जिससे आप अपने सप्ताह और अपनी ताकत के बारे में अधिक जानने की अनुमति देते हैं। परीक्षा में अच्छे परिणाम पाने के लिए जरूरी है कि आप अपनी कमजोरियों को दूर करें।
  4. परीक्षा में ज्यादातर प्रश्न एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के समान तरीके से तैयार किए जाते हैं । इसलिए, छात्रों को विषय को बेहतर ढंग से समझने के लिए प्रत्येक अध्याय में समाधानों की समीक्षा करनी चाहिए।
  5. यह निशुल्क है।

कक्षा 10 परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स और रणनीतियां

  1. अपने पाठ्यक्रम और पाठ्यक्रम की योजना बनाएं और संशोधन के लिए समय बनाएं
  2. परीक्षा की तैयारी के लिए हर बार अपनी अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए cbsestudyguru वेबसाइट पर उपलब्ध एनसीईआरटी समाधान का उल्लेख करें ।
  3. परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने के लिए सीखना शुरू करने के लिए cbsestudyguru लर्निंग ऐप का उपयोग करें। हल और अनसुलझे कार्यों सहित पूर्ण शिक्षण सामग्री प्रदान करें।
  4. यह अपने शिक्षकों या एलेक्स (एक अल अध्ययन बॉट) के साथ परीक्षा से पहले अपने सभी संदेहों को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण है ।
  5. जब आप किसी चैप्टर को पढ़ते या पढ़ते हैं तो एल्गोरिदम फॉर्मूले, प्रमेय आदि लिखें और परीक्षा से पहले उनकी जल्दी समीक्षा करें ।
  6. अपनी अवधारणाओं को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।
  7. आराम और उचित भोजन लें।  ज्यादा तनाव न करें।

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